हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता और बॉलीवुड के “He-Man” कहलाने वाले धर्मेंद्र ने सोमवार सुबह मुंबई में अपने आवास पर अंतिम साँस ली। 89 वर्ष की आयु में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनका निधन उनके 90वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले हुआ, जो 8 दिसंबर 2025 को आने वाला था। धर्मेंद्र के निधन की खबर ने पूरे फिल्म उद्योग के साथ-साथ देशभर के प्रशंसकों को गहरे दुख में डाल दिया।
धर्मेंद्र लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्हें 31 अक्टूबर को सांस लेने में तकलीफ के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया और अंततः 24 नवंबर 2025 की सुबह उन्होंने अंतिम साँस ली।
धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार का आयोजन मुंबई के पवन हंस शवदाह गृह में किया गया, जहाँ भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बॉलीवुड के कई बड़े सितारे उन्हें अंतिम विदाई देने पहुँचे।
उनकी दूसरी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान, संजय दत्त, अभिषेक बच्चन सहित कई दिग्गज कलाकारों ने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी।
अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की दोस्ती जगजाहिर थी। दोनों ने साथ में शोले जैसी ऐतिहासिक फिल्म में काम किया था, इसलिए बिग बी का अंतिम संस्कार में पहुँचना एक भावनात्मक पल था।
सलमान खान, जो धर्मेंद्र को अपना पिता समान मानते थे, अंतिम संस्कार के दौरान बेहद गमगीन दिखाई दिए। आमिर खान और संजय दत्त जैसे सितारों ने भी परिवार को सांत्वना दी और देश ने फिल्म जगत का एक चमकता सितारा खो दिया।
धर्मेंद्र के निधन पर न केवल फिल्म जगत, बल्कि राजनीति के बड़े नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा—
“धर्मेंद्र जी का जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है। उनकी सादगी, उनका स्वभाव, और भारतीय जनता से उनका गहरा जुड़ाव हमेशा याद किया जाएगा।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी।
सभी ने एक सुर में कहा कि धर्मेंद्र का जाना भारतीय फिल्म उद्योग के लिए अपूरणीय क्षति है।
धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस (Ikkis)’ दिसंबर 2025 में रिलीज़ होने वाली है।
यह श्रीराम राघवन द्वारा निर्देशित एक युद्ध-आधारित फिल्म है, जिसमें अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
धर्मेंद्र की यह अंतिम ऑन-स्क्रीन उपस्थिति होगी, इसलिए यह फिल्म उनके प्रशंसकों के लिए भावनात्मक महत्व रखेगी।
फिल्म 25 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है, और अब इसने धर्मेंद्र की याद को और भी विशेष बना दिया है।
1935 में पंजाब के लुधियाना जिले के नसrाली गाँव में जन्मे धर्मेंद्र का असली नाम धर्म सिंह देओल था।
एक मध्यमवर्गीय जट्ट-सिख परिवार में जन्मे धर्मेंद्र ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद फिल्मों की ओर रुख किया।
वे बचपन से ही फिल्मों के दीवाने थे और अक्सर कहा करते थे—
“फिल्में मेरे लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं थीं। पहली बार जब नौवीं कक्षा में फिल्म देखी, तभी तय कर लिया कि मुझे भी वहीं पहुँचना है।”
दिल्ली में एक टैलेंट प्रतियोगिता जीतने के बाद वे मुंबई आए और यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई।
1960 के दशक से लेकर 90 के दशक तक उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और हर पीढ़ी का दिल जीता।
धर्मेंद्र को He-Man की उपाधि मिलने की वजह केवल उनकी मजबूत कद-काठी नहीं थी।
वे अपने एक्शन, अपनी आँखों की तीव्रता और अपने दमदार अभिनय से दर्शकों पर गहरा प्रभाव डालते थे।
उनका रोमांटिक अंदाज़ भी उतना ही लोकप्रिय था जितना उनका एक्शन हीरो वाला रूप।
फिल्म शोले में वीरू का किरदार उनके करियर का एक ऐतिहासिक मोड़ था।
उनका डायलॉग—
“बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना!”
आज भी लोगों के दिलों में बसता है।
धर्मेंद्र का निजी जीवन हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहा।
उनकी पहली शादी से लेकर हेमा मालिनी से विवाह तक,
उनके जीवन ने हमेशा लोगों की रुचि जगाई।
लेकिन इसके बावजूद, वे हमेशा जमीन से जुड़े रहे।
उनका स्वभाव इतना सरल और विनम्र था कि आज भी हर कोई उन्हें एक इमोशनल, दिल से जुड़े इंसान के रूप में याद करता है।
धर्मेंद्र सिर्फ एक हीरो नहीं थे—
वे कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा थे।
✔ सनी देओल
✔ बॉबी देओल
✔ ईशा देओल
✔ अहाना देओल
सबने अपने पिता से कलाकारिता, अनुशासन और सादगी सीखी।
उनकी विरासत आज भी बॉलीवुड में गहराई से महसूस की जाती है।
धर्मेंद्र का निधन भारतीय फिल्म इतिहास के लिए एक गहरा आघात है।
उन्होंने न सिर्फ फिल्मों से बल्कि अपने व्यवहार और इंसानियत से लोगों के दिल जीते।
उनके जाने से बॉलीवुड का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया।
लेकिन उनकी फिल्में, उनका अभिनय और उनकी सादगी हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
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