2026 Vivah Muhurat इस साल कौन-कौन से दिन है शादी के लिए सबसे शुभ

2026 में शादी के शुभ मुहूर्त | फरवरी से दिसंबर तक सभी विवाह तिथियाँ

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2026 में शादी के शुभ मुहूर्त – एक विस्तृत मार्गदर्शिका

शादी हर व्यक्ति जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है और भारत में विवाह केवल सामाजिक नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इसलिए लोग विवाह के लिए शुभ मुहूर्त चुनने पर विशेष ध्यान देते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष ग्रह-नक्षत्र, तिथि, वार और योग को देखकर शुभ विवाह मुहूर्त निकाले जाते हैं।
यदि आप वर्ष 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद उपयोगी है। यहाँ हम आपको फरवरी से दिसंबर 2026 तक के सभी प्रमुख विवाह मुहूर्त, महीनों के अनुसार विस्तार से बता रहे हैं। इसके साथ ही, आपको मिलेगा—माह, मौसम, नक्षत्र और विवाह प्लानिंग के लिए जरूरी सुझाव भी, ताकि आपका विवाह सुंदर, शुभ और सफल हो सके।

2026 में शादी के शुभ मुहूर्त | फरवरी से दिसंबर तक सभी विवाह तिथियाँ


जनवरी 2026: कोई विवाह मुहूर्त नहीं

2026 की शुरुआत विवाह मुहूर्त के बिना होती है। जनवरी में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति विवाह के लिए अनुकूल नहीं रहती, इसलिए इस महीने में कोई शुभ विवाह तिथि नहीं मानी जाती।
यदि आप 2026 में शादी सोच रहे थे, तो फरवरी से आगे की तिथियाँ ही आपके लिए उपयुक्त रहेंगी।


→ फरवरी 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त (सबसे अधिक मुहूर्त वाला महीना)

फरवरी 2026 विवाह के लिए सबसे भाग्यशाली महीनों में से एक है।
इस महीने कुल 12+ शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। मौसम सुहावना रहता है और वैवाहिक समारोहों के लिए यह माह बहुत पसंद किया जाता है।

फरवरी 2026 की शुभ तिथियाँ:

5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 फरवरी

इन तिथियों में नक्षत्र, योग और तिथि पूरी तरह विवाह-योग बनाते हैं।
14 फरवरी (वैलेंटाइन डे) पर मुहूर्त मिल जाना इस वर्ष को और खास बना देता है।

फरवरी में शादी करने के फायदे

  • मौसम रोमांटिक और अनुकूल

  • आउटडोर वेडिंग का परफेक्ट समय

  • वेडिंग फोटोग्राफी बेहतरीन आती है

  • समारोह में मेहमानों के लिए आरामदायक वातावरण


→ मार्च 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

मार्च में भी कुछ बेहतरीन शुभ तिथियाँ उपलब्ध हैं। इस महीने का मौसम वसंत ऋतु का आनंद देता है, जिससे वेडिंग कार्यक्रम बेहद सुंदर दिखते हैं।

मार्च 2026 की शुभ तिथियाँ:

2, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12 मार्च

मार्च के पहले दो सप्ताह विवाह के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं।

मार्च में शादी करने के फायदे

  • मौसम न तो गर्म, न ठंडा

  • डेकोरेशन और गार्डन वेन्यु के लिए उत्तम

  • फ्लोरल थीम वेडिंग के लिए आदर्श समय


→ अप्रैल 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

अप्रैल में शादी के लिए आठ से अधिक मुहूर्त हैं। यह माह गर्मियों की शुरुआत है, लेकिन शुरुआती दिनों में तापमान संतुलित रहता है।

अप्रैल 2026 की शुभ तिथियाँ:

15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 अप्रैल

आउटडोर वेडिंग चाहने वालों के लिए मध्य अप्रैल तक का समय बढ़िया है।

अप्रैल में शादी करने के फायदे

  • बड़े विवाह समारोह के लिए अनुकूल माह

  • हल्की गर्मी और साफ मौसम

  • क्लासिक, थीम और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अच्छा समय


→ मई 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

मई का महीना भारतीय शादियों के लिए हमेशा लोकप्रिय रहा है। हालांकि तापमान बढ़ने लगता है, लेकिन फिर भी पर्याप्त शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं।

मई 2026 की शुभ तिथियाँ:

1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 मई

मई में शादी का लाभ

  • अधिक वेडिंग तिथियाँ

  • स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियों के कारण मेहमानों की अच्छी उपस्थिति

  • इनडोर वेडिंग हॉल का बेहतर विकल्प


→ जून 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

जून में भी विवाह के लिए कई अच्छे दिन उपलब्ध हैं। इस माह में गर्मी अपने चरम पर होती है, इसलिए इनडोर विवाह को प्राथमिकता दी जा सकती है।

जून 2026 की शुभ तिथियाँ:

21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 जून

जून के आखिरी 10 दिन 2026 के प्रमुख विवाह-योग वाले दिन हैं।

जून में शादी करने के फायदे

  • गर्मी में वेन्यु विकल्पों की कोई कमी नहीं

  • विवाह प्लानिंग में ढीलापन नहीं

  • कई ज्योतिषीय मुहूर्त लगातार उपलब्ध


→ जुलाई 2026 में विवाह मुहूर्त

आपने सही बताया—25 जुलाई से चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है, जो कि विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को करने के लिए वर्जित माना जाता है।

जुलाई 2026 की उपलब्ध मुहूर्त (चातुर्मास से पहले):

1, 6, 7, 11 जुलाई (कुछ पंचांगों में विभिन्नता संभव)

इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर तक विवाह बिल्कुल नहीं होते।


→ नवंबर 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त (चातुर्मास के बाद शादियों की धूम)

जैसे ही चातुर्मास समाप्त होता है, नवंबर में विवाह मौसम फिर से शुरू हो जाता है। इस माह में कई शुभ तिथियाँ उपलब्ध हैं।

नवंबर 2026 की शुभ तिथियाँ:

20, 21, 24, 25, 26, 27, 30 नवंबर

यह महीने वास्तव में भारत में शादियों का मुख्य सीजन माना जाता है।

नवंबर में शादी करने के फायदे

  • ठंडा और खुशगवार मौसम

  • वेडिंग आउटफिट्स अच्छे लगते हैं

  • डेकोरेशन और कैटरिंग में ज्यादा विकल्प


→ दिसंबर 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

दिसंबर का महीना भी विवाह के लिए शानदार होता है। यह समय सर्दियों का होता है, जिससे शादियाँ बहुत भव्य और आकर्षक लगती हैं।

दिसंबर 2026 की शुभ तिथियाँ:

2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 दिसंबर

दिसंबर हमेशा ग्रैंड वेडिंग्स के लिए पसंद किया जाता है।

दिसंबर में शादी करने के फायदे

  • प्री-वेडिंग और पोस्ट-वेडिंग शूट के लिए बेस्ट

  • मेहमानों की भीड़, खुशहाल माहौल

  • विंटर वेडिंग का अलग ही आकर्षण


2026 में शादी की योजना बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Important Tips)

  1. अपने स्थान के पंचांग से मुहूर्त की पुष्टि ज़रूर करें

  2. वेन्यु पहले से बुक करें, क्योंकि शुभ दिनों में भारी भीड़ रहती है

  3. आउटडोर शादी के लिए मौसम पर ध्यान दें

  4. राहुकाल / यमगंड का ध्यान रखें

  5. दो-तीन वैकल्पिक तिथियाँ तैयार रखें


निष्कर्ष

2026 शादी के लिए बेहद शुभ वर्ष माना जा रहा है। फरवरी से दिसंबर तक कई उत्कृष्ट विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो आपको आदर्श तिथि चुनने में मदद करेंगे।
चाहे आप सर्दियों की भव्य शादी चाहते हों, फूलों से सजी वसंत विवाह समारोह, या फिर साल के मध्य में पारंपरिक विवाह — 2026 में हर महीने आपके लिए उत्कृष्ट शुभ मुहूर्त मौजूद हैं।

जय मिथिला म्यूजिक के शादी वाले गीत: कन्यादान से लेकर बेटी तक, शादियों में मचा रहे हैं धूम

मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर हमेशा से ही अपनी संगीत परंपरा के लिए जानी जाती रही है। शादी-ब्याह के अवसर पर गाए जाने वाले मैथिली गीत आज भी लोगों की भावनाओं को गहराई से छू लेते हैं। इसी परंपरा को आधुनिक अंदाज़ में जीवंत रखने का काम कर रहा है जय मिथिला म्यूजिक, जिसके गीत आजकल हर शादी में धूम मचा रहे हैं। चाहे वह कन्यादान गीत हो, बेटी विदाई का गीत, मंगलगीत, या हल्दी-सगुन वाले गीत—हर रस्म के लिए इनके गानों की मांग सबसे अधिक है।

1. क्यों बढ़ रही है जय मिथिला म्यूजिक के गीतों की लोकप्रियता?

पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैथिली शादी गीतों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। लोगों को ऐसे गीत चाहिए जो परंपरा से जुड़े हों और साथ ही आधुनिकता का स्पर्श भी लिए हों। जय मिथिला म्यूजिक इसी संतुलन को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करता है।
इसका संगीत हर समारोह को दिल छू लेने वाला बना देता है। गीतों की सबसे बड़ी खासियत है—भावना, संस्कृति और आधुनिक संगीत का सुंदर मेल

2. “कन्यादान” गीत बना शादी का सबसे भावुक पल

जय मिथिला म्यूजिक का सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक है—कन्यादान
यह गीत कन्या के माता-पिता के मन की भावनाओं को बेहद सरल और सुंदर शब्दों में प्रस्तुत करता है।

जब शादी के मंडप में कन्यादान की रस्म होती है और यह गीत पृष्ठभूमि में बजता है, तो पूरा वातावरण भावुक हो उठता है।
कई परिवारों ने बताया कि:

  • इस गीत ने कन्यादान की रस्म को और पवित्र बना दिया

  • माता-पिता की आंखों में आंसू आ गए

  • वीडियो शूट में भी इस गीत का उपयोग सबसे अधिक हो रहा है

इसलिए यह गीत शादियों में अनिवार्य प्लेलिस्ट का हिस्सा बन चुका है।

3. “बेटी” गीत: विदाई का सबसे भावुक सॉन्ग

शादी का सबसे भावुक हिस्सा होता है विदाई
इस समय बजने वाला जय मिथिला म्यूजिक का “बेटी” गीत हर दिल को छू जाता है।
यह गीत केवल एक गीत नहीं, बल्कि हर उस माता-पिता की कहानी है जिसने अपनी बेटी को बड़े प्यार से पाला और अब विदा कर रहा है।

गीत की लोकप्रियता की वजहें:

  • बोल बेहद सरल और दिल को छूने वाले

  • संगीत शांत और भावनात्मक

  • हर परिवार अपनी भावनाएँ इस गीत से जोड़ पाता है

  • विदाई वीडियो में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मैथिली गीत

4. मिथिला की परंपरा को संजोते मंगल गीत

मिथिला में शादी की शुरुआत मंगल गीत से होती है।
जय मिथिला म्यूजिक ने पुराने पारंपरिक मंगल गीतों को एक नए रूप में पेश किया है ताकि नई पीढ़ी भी उन्हें पसंद कर सके।

इन गीतों में:

  • माँ से वर-वधू के आशीर्वाद

  • घर की शुभता

  • पारिवारिक रिश्तों का सौंदर्य

  • देवी-देवताओं का स्मरण

सब कुछ बड़े ही खूबसूरत ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

5. हल्दी, सगुन और मांडपाच्छादन के लिए भी हैं खास गीत

शादी सिर्फ मंडप का कार्यक्रम नहीं, बल्कि रस्मों का एक लंबा क्रम है।
हर रस्म की अपनी ऊर्जा होती है, अपना गीत होता है।

जय मिथिला म्यूजिक ने हर रस्म के लिए गीत दिए हैं:

  • हल्दी लगावन गीत

  • मांडपाच्छादन के पारंपरिक गीत

  • सगुन गीत

  • द्वारपूजा गीत

  • बारात स्वागत गीत

इन गीतों से पूरा समारोह जीवंत हो उठता है।

6. सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग: रील्स और वीडियो में खास पसंद

आज इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर मिथिला शादी का कंटेंट ट्रेंड कर रहा है।
जय मिथिला म्यूजिक के गीतों का उपयोग—

  • वेडिंग वीडियोग्राफर्स

  • एडिटर्स

  • सोशल मीडिया क्रिएटर्स

  • रील मेकर्स

सब कर रहे हैं।

“कन्यादान” और “बेटी” गीत पर बनी हजारों रील्स वायरल हो चुकी हैं। यही वजह है कि इनके गाने अब हर शादी में बजना ज़रूरी हो गया है।

7. विदेशों में भी बढ़ रही है मांग

दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बंगाल… हर जगह मिथिला के लोग बसते हैं।
लेकिन सिर्फ भारत ही नहीं—दुबई, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल में भी मैथिली शादी गीत बज रहे हैं।

विदेशों में रहने वाले परिवारों ने भी अपनी शादियों में जय मिथिला म्यूजिक के गीतों को विशेष रूप से शामिल करना शुरू कर दिया है।

8. क्यों अलग है जय मिथिला म्यूजिक?

कई संगीत चैनल मैथिली गीत बनाते हैं, लेकिन जय मिथिला म्यूजिक कुछ कारणों से सबसे अलग है:

  • गीतों में गहराई और भावनात्मक जुड़ाव

  • पारंपरिक व आधुनिक संगीत का संतुलन

  • स्पष्ट और सांस्कृतिक बोल

  • हर रस्म के लिए विशेष गीत

  • उच्च-गुणवत्ता रिकॉर्डिंग

इनकी टीम सांस्कृतिक मूल्यों को समझती है और उसी अनुसार गाने तैयार करती है।

9. आवाज़ और संगीत—दोनों मिलकर बनाते हैं जादू

जय मिथिला म्यूजिक के गायक और संगीतकार मैथिली संस्कृति से जुड़े हुए हैं।
उनकी आवाज़ मधुर और भावपूर्ण होती है।
वे गानों में इतनी आत्मा डालते हैं कि सुनने वाला खुद को गीत की कहानी में खो देता है।

10. आने वाले समय में भी बढ़ेगा क्रेज

मिथिला के गीत सिर्फ संगीत नहीं—भावना, संस्कृति और प्यार का संगम हैं।
आज की पीढ़ी भी वापस अपनी मूल संस्कृति से जुड़ रही है और इसी वजह से ये गीत एक बार फिर बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं।

भविष्य में:

  • और आधुनिक संगीत के साथ नए पारंपरिक गीत आएंगे

  • शादी के हर नए ट्रेंड में मैथिली गीत शामिल होंगे

  • मिथिला की परंपरा को वैश्विक पहचान मिलेगी

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