परदेश से मिथिला के गाँव लौटता व्यक्ति और घर के बाहर इंतजार करती माँ
मिथिला के गाँव छोड़ि परदेश गेल लोक फेर किएक लौटैत अछि? | अपन माटि आ गाँवक कहानी

मिथिला छोड़ि परदेश गेल लोक फेर अपन माटि पर किएक लौटैत अछि? गाँव, याद आ घर वापसीक पूरी कहानी कहियो-कहियो…

मिथिला के गाँव में परिवार के बीच मैथिली भाषा बोलते हुए बुजुर्ग और नई पीढ़ी
क्या हम आखिरी पीढ़ी हैं जो शुद्ध मैथिली बोलेंगे? घर-घर बदल रही भाषा की पूरी कहानी

मैथिली भाषा केवल बोलचाल का माध्यम नहीं, बल्कि मिथिला की पहचान, परिवार की स्मृति और पीढ़ियों से चली आ रही…