Rohit Sharma World Cup Final 2023 को लेकर भारतीय क्रिकेट फैंस का दर्द आज भी ताजा है। 19 नवंबर 2023 को खेले गए वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। अब करीब एक साल बाद भारतीय टीम के कप्तान Rohit Sharma ने उस हार के बाद अपने दिल की बात खुलकर सामने रखी है।
रोहित शर्मा ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान कहा कि वर्ल्ड कप फाइनल हारने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अब यह खेल ही नहीं खेलना चाहते। उनका यह बयान न सिर्फ उनके दर्द को दिखाता है, बल्कि एक कप्तान के मानसिक संघर्ष को भी उजागर करता है।
🏏 “मुझे लगा अब क्रिकेट नहीं खेलना चाहता” – रोहित शर्मा
Rohit Sharma ने भावुक होते हुए कहा,
“फाइनल हारने के तुरंत बाद मेरे मन में अजीब से ख्याल आने लगे। ऐसा लगा कि मैंने सब कुछ खो दिया है। कुछ समय के लिए तो मुझे लगा कि अब मैं इस खेल को और नहीं खेल पाऊंगा।”
उन्होंने बताया कि इतने बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद ट्रॉफी हाथ से निकल जाना उनके लिए बहुत बड़ा झटका था। भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही, लेकिन फाइनल में Australia ने भारत का सपना तोड़ दिया।
🇮🇳 शानदार सफर, लेकिन अधूरा सपना
2023 ODI World Cup में भारतीय टीम ने लीग स्टेज से लेकर सेमीफाइनल तक जबरदस्त प्रदर्शन किया। रोहित शर्मा की कप्तानी की जमकर तारीफ हुई। उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और टीम को आगे से लीड करने की रणनीति ने भारत को फाइनल तक पहुंचाया।
हालांकि, फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम दबाव में नजर आई और ऑस्ट्रेलिया ने अनुभव का फायदा उठाकर मैच अपने नाम कर लिया। यह हार रोहित शर्मा के करियर की सबसे दर्दनाक हारों में से एक मानी जा रही है।
🧠 मानसिक दबाव और कप्तान की जिम्मेदारी
Rohit Sharma ने माना कि कप्तान होने के नाते हार की जिम्मेदारी सबसे पहले उन्हीं पर आती है।
उन्होंने कहा,
“जब आप कप्तान होते हैं, तो हार सिर्फ टीम की नहीं होती, वह आपकी निजी हार भी बन जाती है।”
रोहित ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ दिनों तक वे किसी से बात नहीं करना चाहते थे। सोशल मीडिया से दूरी बना ली और खुद को समझने में समय लिया।
👨👩👦 परिवार और टीम ने दिया सहारा
इस मुश्किल दौर में रोहित शर्मा को सबसे ज्यादा सहारा उनके परिवार और करीबी दोस्तों से मिला। इसके अलावा टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने भी उनका हौसला बढ़ाया।
रोहित ने कहा कि क्रिकेट से ब्रेक लेकर उन्होंने खुद को दोबारा मानसिक रूप से मजबूत किया और फिर मैदान पर लौटने का फैसला किया।
🔄 हार से सीख और आगे की सोच
रोहित शर्मा का मानना है कि हार से सीखना ही एक खिलाड़ी को महान बनाता है।
उन्होंने कहा,
“अगर आप हार से टूट जाएं, तो आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। मैंने खुद से वादा किया कि इस हार को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाऊंगा।”
उनका यह बयान युवाओं और खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि असफलता के बाद भी खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
🗣️ फैंस की प्रतिक्रिया
रोहित शर्मा के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
कई फैंस ने उन्हें “सच्चा लीडर” बताया
कुछ ने कहा कि यही ईमानदारी उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है
फैंस ने यह भी उम्मीद जताई कि रोहित आगे भी टीम इंडिया का नेतृत्व मजबूती से करते रहेंगे
🔍 निष्कर्ष
Rohit Sharma World Cup Final 2023 के बाद दिया गया यह बयान दिखाता है कि बड़े खिलाड़ी भी भावनाओं और मानसिक दबाव से गुजरते हैं। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की हार ने रोहित शर्मा को तोड़ा जरूर, लेकिन उसी टूटन से उन्होंने खुद को फिर से खड़ा किया।
यह कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि जज्बे, जिम्मेदारी और वापसी की है। आने वाले समय में रोहित शर्मा का अनुभव और मानसिक मजबूती टीम इंडिया के लिए एक बड़ी ताकत साबित हो सकती है।












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