नवादा भगवती स्थान कहाँ स्थित है? यहाँ जानें इतिहास, महत्व और पूरी जानकारी
बिहार के मिथिला क्षेत्र में देवी-उपासना की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस परंपरा के बीच दरभंगा जिले में स्थित ‘नवादा भगवती स्थान’ श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। यह स्थान मां भगवती के प्राचीन और सिद्ध पीठों में से एक माना जाता है। यहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बाहर से आने वाले भक्त, साधक और पर्यटक वर्षभर दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
लेकिन बहुत से लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है—नवादा भगवती वास्तव में कहाँ स्थित है? इसका इतिहास क्या है? इसकी मान्यता कितनी पुरानी है?
इन्हीं सभी सवालों के विस्तृत उत्तर इस लेख में आपको सरल भाषा में मिलेंगे।
1. नवादा भगवती स्थान कहाँ स्थित है? (Location Details)
नवादा भगवती स्थान बिहार के दरभंगा जिले के हनुमाननगर प्रखंड के अंतर्गत पड़ता है। यह दरभंगा शहर से लगभग 25–30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हरी-भरी प्राकृतिक वातावरण, शांत ग्रामीण इलाकों और पवित्र माहौल के बीच स्थित यह मंदिर अपनी अनोखी आध्यात्मिक शक्ति के लिए जाना जाता है।
जिला: दरभंगा, बिहार
प्रखंड: हनुमाननगर
गाँव/इलाका: नवादा
दूरी (दरभंगा से): लगभग 25–30 किमी
निकटतम प्रमुख स्थान: जाले—बहेड़ी—हनुमाननगर मार्ग
यह स्थान सड़क मार्ग से बहुत आसानी से पहुँचा जा सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहाँ पहुँचते ही मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।
2. मंदिर का इतिहास (History of Nawada Bhagwati Sthan)
नवादा भगवती स्थान का इतिहास बेहद पुराना और रहस्यमय माना जाता है। स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार:
(1) प्राचीन काल से मौजूद शक्तिपीठ
मान्यता है कि यह स्थान प्राचीन काल से ही एक सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता था। यहाँ देवी की पूजा गाँव के लोग और साधक कई शताब्दियों से करते आ रहे हैं।
(2) देवी का प्रकट होना
कहा जाता है कि बहुत समय पहले किसी किसान ने खेत की जुताई के दौरान भूमि के भीतर से एक दिव्य आकृति (शिला-रूप में) पाई। उस रात उसे सपना आया कि यह शिला स्वयं मां भगवती का स्वरूप है, जिन्हें बाहर निकालकर इस स्थान को पवित्र बनाना चाहिए।
इसके बाद गाँव के लोगों ने मिलकर एक पवित्र स्थल बनाया और वहीं से माँ की आराधना का प्रारंभ हुआ।
(3) वर्षों तक साधकों ने की तपस्या
यहाँ अनेक साधक और बाबा वर्षों तक तपस्या करने आए। माना जाता है कि मां भगवती हर साधक को मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद देती थीं। जो भी यहाँ सच्चे मन से आता है, माँ उसकी सारी बाधा दूर कर देती हैं—यह विश्वास आज भी कायम है।
3. नवादा भगवती स्थान क्यों प्रसिद्ध है? (Why It Is So Popular)
दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में यह मंदिर कई कारणों से लोकप्रिय है:
1. मनोकामना सिद्ध स्थल
लोगों का विश्वास है कि
“जो भी भक्त यहां सच्चे मन से माँ का ध्यान करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।”
चाहे संतान कामना हो, स्वास्थ्य, परिवारिक शांति या कोई भी अन्य इच्छा—माँ सबको आशीर्वाद देती हैं।
2. शांत और प्राकृतिक वातावरण
चारों तरफ हरियाली, खुले वातावरण और ग्रामीण शांति इस स्थान को और भी दिव्य बनाते हैं। यहाँ बैठकर ध्यान करने से मन शांत हो जाता है।
3. नवरात्रि में भव्य पूजा
नवरात्रि के दौरान यहाँ हजारों भक्त जुटते हैं। माँ का भव्य श्रृंगार, हवन, काली पूजा और रात्रि-जागरण इस जगह की विशेषता है।
4. लोक आस्था का केंद्र
यह मंदिर केवल धार्मिक नहीं बल्कि लोक-परंपरा और मिथिला संस्कृति का भी एक बड़ा केंद्र है। विवाह से पहले कई परिवार यहाँ आशीर्वाद लेने आते हैं।
4. नवादा भगवती स्थान की मान्यताएँ (Beliefs & Faith)
माँ भगवती के इस स्थान से कई चमत्कारिक कथाएँ भी जुड़ी हुई हैं—
1. संकट काटने वाली माता
कहा जाता है कि गाँव में कोई विपत्ति आती है तो लोग मां भगवती से प्रार्थना करते हैं और बहुत बार वह संकट अपने-आप टल जाता है। ऐसा कई बार स्थानीय लोग अनुभव कर चुके हैं।
2. पशु-पक्षियों का विशेष संबंध
अन्य मंदिरों की तरह यहाँ आने वाले पशु-पक्षियों के लिए भी एक विशेष नियम है। लोग अपनी गाय-भैंस और अन्य पशुओं के लिए भी माँ से प्रार्थना करते हैं।
3. प्रसाद की विशिष्टता
नवादा भगवती स्थान का ‘लाल चूनर और नारियल’ वाला प्रसाद बहुत प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इसे घर में रखने से नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं।
5. मंदिर की संरचना और वातावरण (Temple Architecture & Surroundings)
हालाँकि मंदिर आधुनिक संरचना का नहीं है, लेकिन इसकी सादगी ही इसकी पहचान है।
मुख्य गर्भगृह में माता की शिला रूपी प्रतिमा
हवन-कुंड
पूजा-पंडाल
वृक्षों से घिरा हुआ आँगन
भक्तों के बैठने की जगह
मंदिर के पास एक छोटा तालाब भी है जो वातावरण को और भी पवित्र महसूस कराता है।
6. कैसे पहुँचे? (How to Reach Nawada Bhagwati Sthan)
1. सड़क मार्ग (Road Route):
दरभंगा—जाले—हनुमाननगर—नवादा मार्ग के जरिए आसानी से पहुँचा जा सकता है।
2. रेलवे स्टेशन:
सबसे नजदीक स्टेशन:
दरभंगा जंक्शन (DBG)
दूरी: लगभग 25–30 किमी
3. बस सेवाएँ:
दरभंगा से कई लोकल गाड़ियाँ और ऑटो नवादा की ओर मिल जाते हैं।
7. यहाँ कब जाएँ? (Best Time to Visit)
हालाँकि यहाँ वर्षभर दर्शन किए जाते हैं, लेकिन कुछ दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं:
नवरात्रि (चैत्र एवं आश्विन)
दुर्गा पूजा
सोमवती अमावस्या
शक्ति पूजा के दिन
इन पर्वों के दौरान मंदिर का माहौल अत्यंत भव्य होता है।
8. स्थानीय लोगों का भावनात्मक संबंध
नवादा भगवती स्थान के साथ स्थानीय लोगों का भावात्मक जुड़ाव बहुत गहरा है।
यह केवल मंदिर नहीं—उनकी आस्था, श्रद्धा और संस्कृति का केंद्र है।
गाँव के हर शुभ कार्य से पहले लोग यहाँ जाकर माँ का आशीर्वाद लेते हैं।
9. नवादा भगवती स्थान के प्रमुख आकर्षण
माता का तांत्रिक और दार्शनिक महत्व
शांतिपूर्ण वातावरण
नवरात्रि में विशेष पूजा
ग्रामीण मिथिला की संस्कृति
प्राकृतिक सौंदर्य
10. निष्कर्ष (Conclusion)
नवादा भगवती स्थान, दरभंगा केवल एक मंदिर नहीं बल्कि मिथिला की आध्यात्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
माँ भगवती यहाँ शिला रूप में विराजमान हैं और सदियों से भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करती आ रही हैं।
यदि आप कभी दरभंगा जाएँ, तो इस स्थान का दर्शन अवश्य करें—आपको यहाँ एक अनोखी शांति और दिव्यता का अनुभव जरूर मिलेगा।















Leave a Reply