गोरिया जान मारैय चुम्मा द कअ” – 2013 में रिलीज़ हुआ जय मिथिला म्यूजिक का सुपरहिट एल्बम जिसने पूरे मिथिला में मचा दी थी धूम
मिथिला संगीत की दुनिया में साल 2013 एक यादगार साल माना जाता है। इसी वर्ष Jai Mithila Music के बैनर तले एक ऐसा एल्बम रिलीज़ हुआ जिसने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि लंबे समय तक लोक-संगीत प्रेमियों की पसंद बना रहा। इस एल्बम का नाम था—
“गोरिया जान मारैय – चुम्मा दे द”
अपने आकर्षक कवर, मधुर आवाज़ और दिल छू लेने वाले गीतों की वजह से यह एल्बम उस समय मिथिला के हर गांव, चौपाल और शादी-ब्याह में खूब बजा।
🎶 एल्बम का संगीतिक आकर्षण
एल्बम के गायक के रूप में थे—
Vikash Jha Vj
इन दोनों की आवाज़ ने एल्बम की आत्मा को जीवंत कर दिया। उस दौर में जब मैथिली म्यूजिक इंडस्ट्री आधुनिक बदलाव की ओर जा रही थी, इस एल्बम ने लोक-धुन और आधुनिक संगीत के मेल को एक नया रूप दिया।
🌟 एल्बम कवर — आकर्षण का केंद्र
पोस्टर में—
रंगीन बैकग्राउंड
दिल और फूलों के डिज़ाइन
पारंपरिक परिधान में मॉडल
गायक और टीम की तस्वीरें
इन सबने मिलकर एल्बम को देखने में भी उतना ही खूबसूरत बनाया, जितना सुनने में।
पोस्टर पर साफ लिखा था:
“जय मिथिला म्यूजिक का प्रस्तुत – VIDEOCd”
यानी यह एल्बम उस समय Video CD फॉर्मेट में मार्केट में आया था, जब लोग बड़े प्यार से CD/DVD खरीदकर गीत-संगीत सुनते थे।
🫶 मिथिला में मिला अपार प्यार
2013 में जब यह एल्बम रिलीज़ हुआ, लोगों की प्रतिक्रियाएँ बेहद सकारात्मक थीं।
यह—
✔ शादी
✔ बरसाई
✔ सामूहिक आयोजन
✔ सांस्कृतिक कार्यक्रम
✔ युवाओं के बीच
हर जगह बजने लगा।
लोगों ने कहा—
“गीत में पुराने मैथिली गीतों का स्वाद है।”
“गायकी बहुत मीठी है।”
“Jai Mithila Music हमेशा कुछ अच्छा देता है।”
एल्बम कई महीनों तक मिथिला क्षेत्र में ट्रेंड करता रहा।
🌍 संगीत का बदलता दौर और एल्बम की विशेषता
2013 वह समय था जब यूट्यूब की पहुँच कम थी और लोग CD/DVD पर ही गीत सुनते थे।
उस दौर में किसी एल्बम को इतना प्यार मिलना साबित करता है कि—
👉 “गोरिया जान मारैय – चुम्मा दे द” सिर्फ गीतों का संग्रह नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव था।
इस एल्बम ने कई कलाकारों को पहचान दिलाई और मैथिली संगीत को नई दिशा दी।
⭐ Jai Mithila Music: मैथिली संगीत को नई पहचान देने वाला सबसे विश्वसनीय और लोकप्रिय प्लेटफॉर्म
मिथिला संस्कृति अपनी परंपराओं, लोकगीतों और साहित्यिक धरोहर के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसी समृद्ध संस्कृति को आधुनिक मंच देने का काम किया है Jai Mithila Music ने। यह प्लेटफॉर्म आज मैथिली संगीत जगत का एक जाना-पहचाना नाम बन चुका है, जहाँ से हर महीने दर्जनों नए कलाकार, नए गीत और नई प्रतिभाएँ सामने आती हैं। 2010 के बाद जिस गति से डिजिटल संगीत का विस्तार हुआ, उसी समय Jai Mithila Music ने खुद को इस क्षेत्र में स्थापित किया और धीरे-धीरे मैथिली इंडस्ट्री का भरोसेमंद ब्रांड बन गया।
🎵 1. उद्देश्य – मैथिली गीत-संगीत को वैश्विक पहचान दिलाना
Jai Mithila Music का मुख्य लक्ष्य रहा है—
मैथिली भाषा को मजबूत बनाना
लोकगीतों की परंपरा को बचाना
नए कलाकारों को मंच देना
आधुनिक तकनीक के साथ लोकधुन को जोड़ना
इन्हीं उद्देश्यों के साथ चैनल ने शुरुआत की और आज यह हजारों गीतों का घर बन चुका है।
🎤 2. नए कलाकारों का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म
मैथिली संगीत में एक समय ऐसा था जब नए गायकों को अवसर पाना मुश्किल होता था, लेकिन Jai Mithila Music ने इस सोच को बदल दिया।
यहाँ से ऐसे कई कलाकार उभरे, जिनकी आवाज़ आज पूरे मिथिला क्षेत्र में पहचानी जाती है।
इस प्लेटफॉर्म ने—
✔ गांवों के युवा गायकों को मौका दिया
✔ महिला कलाकारों को प्रोत्साहित किया
✔ छोटे बजट में भी बड़े स्तर का संगीत तैयार किया
✔ प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ाया
इसी वजह से यह चैनल आज नए गायकों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।
🎼 3. उच्च गुणवत्ता वाला संगीत – लोकधुन और आधुनिकता का संगम
Jai Mithila Music की खासियत है—क्वालिटी।
चाहे ऑडियो हो या वीडियो, दोनों में साफ़ और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाता है।
संगीत में—
पारंपरिक वाद्य
ढोलक, मंजीरा, बांसुरी
आधुनिक बीट
डिजिटल साउंड मिक्सिंग
हाई-क्वालिटी रिकॉर्डिंग
इन सबका संतुलित मेल मिलता है, जिससे हर गीत ताज़ा और दिल को छू लेने वाला बनता है।
📀 4. हिट एलबम और गानों की लंबी श्रृंखला
Jai Mithila Music ने कई सफल एलबम और सिंगल्स जारी किए हैं।
कुछ ऐसे गीत और एलबम हैं जो वर्षों बाद भी लोगों की पसंद बने हुए हैं।
एल्बमों ने—
✔ शादी-ब्याह की रौनक बढ़ाई
✔ लोकगीतों को नया जीवन दिया
✔ युवाओं को अपनेपन का एहसास कराया
यह चैनल पारिवारिक और साफ-सुथरा कंटेंट तैयार करने के लिए जाना जाता है, जिसे हर उम्र का दर्शक बिना हिचक सुन सकता है।
📡 5. डिजिटल युग में मिथिला संगीत का सबसे बड़ा सहारा
यूट्यूब और सोशल मीडिया के दौर में, Jai Mithila Music ने मैथिली कलाकारों को दुनिया भर तक पहुँचाया।
अब सिर्फ मिथिला ही नहीं, बल्कि—
नेपाल का तराई क्षेत्र
दिल्ली, मुंबई, पंजाब में बसे मैथिल
विदेशों में बसे NRIs
सब इस प्लेटफॉर्म के जरिए अपने क्षेत्रीय संगीत से जुड़े हुए हैं।
Jai Mithila Music ने दिखाया कि एक लोकभाषा भी डिजिटल दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना सकती है।
🌟 6. भविष्य की दिशा – और भी बड़े सपनों की ओर
Jai Mithila Music का लक्ष्य है—
और अधिक नए कलाकारों को मंच देना
मैथिली फिल्मों और वीडियो कंटेंट को बढ़ावा देना
आधुनिक साउंड और तकनीक के साथ प्रीमियम म्यूजिक तैयार करना
मिथिला की संस्कृति और भाषा को नई पीढ़ी तक पहुँचाना
इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यह ब्रांड और भी बड़ा बनेगा।
✅ निष्कर्ष
Jai Mithila Music सिर्फ एक चैनल नहीं, बल्कि मिथिला संस्कृति का संगीत दूत है।
यह नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ता है और पुराने लोकगीतों को आधुनिक पहचान देता है।
यही वजह है कि यह प्लेटफॉर्म आज मैथिली संगीत प्रेमियों के दिल में अपनी खास जगह बना चुका है।
📝 निष्कर्ष – एक यादगार संगीतिक सफर
“गोरिया जान मारैय – चुम्मा दे द” आज भी मिथिला संगीत प्रेमियों के दिल में अपनी जगह बनाए हुए है।
विपिन मिश्रा और विकाश झा की आवाज़, रंगीन पोस्टर, और उस दौर की CD संस्कृति—सब मिलकर इस एल्बम को एक क्लासिक याद बना देते हैं।
यह एल्बम न सिर्फ 2013 का हिट था, बल्कि इसने Jai Mithila Music की पहचान को और मजबूत किया।














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